भूमिका: नौकरी की परिभाषा बदल रही हैभारत में नौकरी को लंबे समय तक एक तय ढांचे में देखा गया—सरकारी सेवा या स्थायी कॉर्पोरेट नौकरी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह धारणा तेज़ी से बदल रही है।...
भूमिका: मशीन अब सिर्फ़ मशीन नहीं रहीकुछ साल पहले तक मशीनें केवल इंसानों के आदेश पर काम करती थीं। वे तय नियमों के अनुसार चलती थीं और सोचने की क्षमता नहीं रखती थीं। लेकिन आज स्थिति...