Panchayat

भूमिका: नौकरी की परिभाषा बदल रही हैभारत में नौकरी को लंबे समय तक एक तय ढांचे में देखा गया—सरकारी सेवा या स्थायी कॉर्पोरेट नौकरी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह धारणा तेज़ी से बदल रही है।...
भूमिका: मशीन अब सिर्फ़ मशीन नहीं रहीकुछ साल पहले तक मशीनें केवल इंसानों के आदेश पर काम करती थीं। वे तय नियमों के अनुसार चलती थीं और सोचने की क्षमता नहीं रखती थीं। लेकिन आज स्थिति...

बिहार में जिला परिषद सदस्य की भूमिका: जिला स्तर पर ग्रामीण विकास कैसे तय होता है?

भूमिका: सबसे ऊँचा पंचायत पद, लेकिन सबसे दूर क्यों लगता है?पंचायती राज व्यवस्था में जैसे-जैसे हम नीचे से ऊपर की ओर बढ़ते हैं, प्रतिनिधियों...

बिहार में बीडीसी (पंचायत समिति सदस्य): पंचायत और प्रखंड के बीच की सबसे अहम कड़ी

भूमिका: वह प्रतिनिधि जिसे लोग कम जानते हैंपंचायती राज व्यवस्था में कई पद ऐसे हैं जिनकी चर्चा बहुत होती है—जैसे मुखिया या सरपंच। लेकिन...

बिहार में वार्ड मेंबर और पंच की भूमिका: लोकतंत्र की सबसे पहली और सबसे नज़दीकी कड़ी

भूमिका: सबसे नज़दीक, फिर भी सबसे कम समझा गया पदपंचायती राज व्यवस्था में अगर कोई पद जनता के सबसे नज़दीक होता है, तो वह...

बिहार में सरपंच और ग्राम कचहरी: गांव में न्याय की पहली सीढ़ी कैसे काम करती है?

भूमिका: न्याय का सबसे नज़दीकी दरवाज़ाग्रामीण भारत में जब किसी व्यक्ति को न्याय की ज़रूरत पड़ती है, तो उसके सामने सबसे बड़ी समस्या होती...

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